Benefits of Marua Leaves : आयुर्वेद में कई ऐसी औषधीय वनस्पतियों का वर्णन किया गया है, जिनके सेवन से आपके स्वास्थ्य को कई फायदे हो सकते हैं। बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना फायदेमंद होता है। वातावरण में होने वाले बदलाव के कारण इन्फेक्शन जैसी बीमारियों से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करना जरूरी है।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आपके डाइट में सही पोषण का होना बहुत महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद में ऐसी कई वनस्पतियों का उल्लेख किया गया है, जिनका सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है। इन्हीं औषधीय वनस्पतियों में से एक है मरुआ। मरुआ के सेवन से आपके स्वास्थ्य को कई लाभ मिल सकते हैं।
मरुआ एक सुगंधित औषधीय वनस्पती है, जो आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। मरुआ का सेवन आपकी पाचन प्रणाली को मजबूत बनाता है, सर्दी से राहत दिलाता है और मुंह की समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। आइए जानते हैं मरुआ खाने से आपके स्वास्थ्य को और कौन-कौन से लाभ मिल सकते हैं।
एक रिसर्च के अनुसार, मरुआ के पत्तों में पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट्स, आहार फाइबर, प्रोटीन, विटामिन C, कैल्शियम, आयरन, विटामिन B6 और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।
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मरुआ के पत्ते के फायदे | Benefits of Marua Leaves
अगर बच्चों के पेट में कीड़े हो जाएं तो इससे अक्सर पेट दर्द और उलटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मरुआ के पत्तों का रस इस समस्या को दूर करने में मदद करता है। कहा जाता है कि सुबह खाली पेट बच्चों को मरुआ के पत्तों के रस के 4-6 बूंद देने से पेट के कीड़ों की समस्या दूर होती है।
इसके पत्ते अपच की समस्या को दूर करने में भी कारगर माने जाते हैं। मरुआ की चटनी न केवल अपच को ठीक करती है बल्कि भूख बढ़ाने में भी सहायक होती है। मरुआ का नियमित सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
सर्दी और खांसी में आराम मिलता है
मरुआ के पत्तों के सेवन से सर्दी और खांसी में आराम मिलता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मरुआ को गर्म पानी के साथ लेने से सर्दी और खांसी से राहत मिलती है। इसके नियमित सेवन से श्वसन तंत्र को भी लाभ होता है। अगर आपको सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या है, तो मरुआ के पत्तों का रस पी सकते हैं, जो काफी प्रभावी माना जाता है। सिरदर्द से राहत पाने के लिए मरुआ के जूस का सेवन रामबाण उपाय की तरह काम करता है। इसके अलावा, मरुआ के पत्तों की पेस्ट को माथे पर लगाने से भी सिरदर्द और माइग्रेन से राहत मिलती है, जो एक प्राकृतिक उपाय है।
मुंह की दुर्गंध को दूर करता है
मरुआ के पत्ते मसूड़ों की समस्या और मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी प्रभावी होते हैं। इसके लिए मारुआ के पत्ते चबाने की सलाह दी जाती है, जिससे मुंह की दुर्गंध कम हो सकती है और मसूड़ों की जलन में आराम मिलता है। अगर गले में खराश हो तो मारुआ के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से गरारे करने से राहत मिलती है। हालांकि, इसका अधिक सेवन करने से कुछ नुकसान भी हो सकता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में और एक्सपर्ट्स की सलाह से ही लें।
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